Centralized vs Decentralized Currency​ in Hindi

यदि आपने centralized और dentralized currency के बारे में सुना है और आप जानना चाहते है की यह क्या है और कैसे यह क्रिप्टोकरेंसी से सम्बंधित है तो यह article आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है |

Centralized and Decentralized शब्द का मतलब क्या है ?

सबसे पहले हमें centralize और decentralize शब्द को समझना होगा।

Centralized :-

अगर कोई चीज किसी central autority के अधीन आता है जो वह central autority उस चीज़ से संबंधित सभी नियमों को परिभाषित करता है और उन सभी नियमों का पालन उस चीज को इस्तेमाल करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को करना पड़ता है तो इन प्रकार के चीजों को centralize कहा जाता है।

Centralized
Decentralized :-

अगर कोई चीज किसी central autority , समुदाय और सरकार के अधीन न आता हो और उस चीज़ से संबंधित सभी नियमों को उसे इस्तेमाल करने वाले लोग ही परिभाषित करे और तो इन प्रकार के चीजों को dentralize कहा जाता है।

Dentralized

तो अब जैसा कि हम दोनों शब्दों centralize और decentralize से परिचित हैं तो , अब अगले point पर चलते है जो कि centralized मुद्रा और decentralized मुद्रा है।

Centralized Currency :-

कोई भी मुद्रा जो एक central autority के अधीन आता है जो उसके मूल्यों, नियमों और विनियमों का फैसला करता हो। और जो लोग उस विशेष मुद्रा का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें उन नियमों और विनियमों का पालन करना पड़ता हो। तो इन मुद्राओं को Centralized मुद्रा के कहा जाता है | उदाहरण के तौर पर रुपया भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा नियंत्रित भारत की Centralized मुद्रा है और केवल भारतीय रिजर्व बैंक ही रूपये से संबंधित सभी नियमों और विनियमों का फैसला कर सकता है। तो यदि आप एक भारतीय नागरिक हैं तो आपको भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रूपये से सम्बंधित का पालन करना होगा। इसके अलावा, हर देश का अपना Centralized मुद्रा होती है उदाहरण के लिए है अमेरिका में डॉलर और जापान में येन का उपयोग किया जाता है।

Centralized Currency
Decentralized Currency :-

कोई भी मुद्रा जो एक central autority के अधीन नहीं आता है। और जो लोग उस विशेष मुद्रा का उपयोग कर रहे हैं, वे भी इसे अपने इच्छानुसार इस्तेमाल करने के लिए स्वतंत्र हो जैसे उन्हें मुद्रा का उपयोग करने के लिए किसी विशेष देश के नियमों का पालन नहीं करना पड़ता हो । तो इन मुद्राओं को decentralized मुद्रा कहा जाता है| उदाहरण के लिए, हम जानते हैं कि क्रिप्टोकरेंसी decentralized मुद्रा हैं क्योंकि क्रिप्टोकरेंसी किसी विशेष central autority के अधीन नहीं आता है।। तो इसका मतलब यह है कि यदि आपके पास कोई क्रिप्टोकरेंसी है और किसी भी सरकार ने इसपर अपने देश में प्रतिबंध लगा दिया है, तो इसका यह मतलब नहीं है कि यह पूरी दुनिया में प्रतिबंधित है ।ऐसे मामले में भी आप किसी दूसरे देश में अपने मुद्रा का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र हैं जहां उसे उपयोग करने की अनुमति हो।

Dentralized Currency

तो अब आप सोच रहे होंगे कि यदि क्रिप्टोकरेंसी किसी भी central authority से संबंधित नहीं हैं, तो उसके मूल्यो और नियमों का फैसला कैसे किया है |तो जैसा कि हम जानते हैं कि क्रिप्टोकरेंसी क्रिप्टोग्राफी पर आधारित है। इसलिए क्रिप्टोकरेंसी के नियम क्रिप्टोग्राफी के अवधारणाओं के आधार पर पूर्वनिर्धारित हैं । और क्रिप्टोकरेंसी के मूल्य उसेके उपयोगकर्ता द्वारा निर्धारित किये जाते है जिन्हें खरीदार और विक्रेताओं के रूप में भी जाना जाता है। इसके अलावा, क्रिप्टोकरेंसी का मूल्य इसकी मांग पर निर्भर है और जैसा कि हम जानते हैं यदि किसी चीज की मांग बढ़ती है तो उसका मूल्य भी बढ़ेगा।तो क्रिप्टोकरेंसी के साथ भी ऐसा ही होता है यदि किसी भी क्रिप्टोकरेंसी की मांग बढ़ती है तो इसके मूल्य में भी बढ़ोतरी होगी।

Centralized Currency vs Decentralized Currency

pros-cons

यदि आप कोई चीज इस्तेमाल कर रहे हो तो आपको उनके बीच के अंतर को जरूर जानना चहिये | तो यह कुछ points है जिन्हें पढ़ कर आप centralized मुद्रा और decentralized मुद्रा के बीच के मुख्य अंतर को जान सकते है:-

1:- यदि आप किसी अन्य देश की यात्रा करते हैं तो centralized मुद्रा के मामले में पहले आपको अपनी मुद्रा को उस देश की अपनी मुद्रा से बदलना पड़ता है। लेकिन decentralized मुद्रा के मामले में, आप दुनिया में कहीं भी अपने पैसे का उपयोग किसी भी अन्य मुद्रा के साथ बदले बिना करने के लिए स्वतंत्र हैं, जहां पर इसका इस्तेमाल किया जा रहा हो, और क्रिप्टोकरेंसी मूल्य दुनिया भर में लगभग एकसमान होता हैं।

2:- centralized मुद्रा के मामले में यदि आप किसी भी मुद्रा के मालिक हैं, तो इसकी कीमत हमेशा एकसमान ही रहेगी, उदाहरण के लिए, आज जो 10 रुपये का मूल्य है वही मूल्य कई सालों के बाद भी 10 रुपये ही होगा। लेकिन decentralized मुद्रा के मामले में ऐसा नही होता , यह हमेशा अपने बाजार के अनुसार उतार-चढ़ाव करता है और कभी-कभी यह बहुत बढ़ जाती है और कभी-कभी यह बहुत घट भी जाता है|

3:-centralized मुद्राओं को भी भौतिक मुद्रा भी कहा जाता है क्योंकि हम इसे स्पर्श कर सकते है , देख सकते हैं। लेकिन decentralized मुद्राएं केवल इंटरनेट पर उपलब्ध हैं और इसे छुआ या देखा नहीं जा सकता है। इसलिए, हम decentralized मुद्राओं को वर्चुअल मुद्रा भी कहते है|

दोस्तों उम्मीद हैं कि इस article ने आपको centralized Currency, decentralized Currency, और उनके बीच अंतर के बारे में जानने में मदद की। हमें नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपने विचारों को बताएं |

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3 comments

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